मेरी कोई रात्रि वसीयतनामा लिखे बिना व्यतीत नहीं हुई।

Feb 01, 2022 Indian
7,224 Views
306 Downloads

Hadith

किसी मुसलमान के लिए उचित नहीं है कि उसके पास कोई वस्तु हो, जिसकी वह वसीयत करना चाहता हो और वह वसीयतनामा लिखे बिना दो रात भी गुज़ारे। इमान मुस्लिम ने यह इज़ाफ़ा किया है कि इब्ने उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- ने फ़रमाया : "जबसे मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को यह फ़रमाते हुए सना है, मेरी कोई रात्रि वसीयतनामा लिखे बिना व्यतीत नहीं हुई।

Original Hadith

«ما حق امرئ مسلم له شيء يوصي فيه؛ يبيت ليلتين إلا ووصيته مكتوبة عنده». [صحيح.] - [متفق عليه.]

Community

Resources and support for new Muslims — curated guidance in one place.

Visit Leadmetoislam.com