जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।

Jan 19, 2022 Indian
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Hadith

अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।

Original Hadith

"عن أبي هريرة -رضي الله عنه- مرفوعاً: «من صَام رمضان إيِمَانًا واحْتِسَابًا، غُفِر له ما تَقدَّم من ذَنْبِه». [صحيح.] - [متفق عليه.]"

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